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दिल से जुडी बीमारियों के घरेलू उपचार

दिल से जुडी बीमारियों के घरेलू उपचार

जैसा की हम सभी जानते हैं की भारत में हार्ट अटैक और  दिल की बिमारियों से हर साल लाखों लोग काल के मुह में समां जाते हैं । यह बीमारी तनाव, दूषित खानपान, शूगर, ब्लड प्रैशर या मोटापे की वजह से ज्यादा होती है। इसलिए बीमारी में डाक्टर से तुरंत परामर्श लेना जरूरी हो जाता है। वैसे इस बीमारी से समय रहते थोड़ा ध्यान रख कर भी निश्चित ही बचा जा सकता है। *खाने में सरसों तेल का नियमित इस्तेमाल स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है इसमें आवश्यक फैटी एसिड अनुपात से दिल की बीमारी के जोखिम को 70 प्रतिशत कम किया जा सकता है।

@कच्चा लहसुन रोज सवेरे  खाली पेट  खाने से खून का संचार ठीक रहता है और दिल को मजबूत बनाता है,इससे कोलेस्ट्रॉल समस्या भी कम  होती है।

@सेब का जूस और आंवले का मुरब्बा खाने से दिल बेहतर तरीके से काम करता है।

@शहद का सेवन दिल को मजबूत बनाता है। इसलिए एक चम्मच शहद प्रतिदिन अवश्य ही लें।

@रोज 50 ग्राम कच्चा ग्वारपाठा खाली पेट खाने से भी कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण होता  है।

@लौकी उबालकर उसमें धनिया तथा जीरा व हल्दी का चूर्ण तथा हरा धनिया डालकर कुछ देर पकाकर इस सप्ताह में कम से कम 2-3 बार इसका सेवन करे । इससे दिल को शक्ति मिलती है।

@अनार के रस में मिश्री मिलाकर हर रोज सुबह-शाम पीने से दिल मजबूत होता है।

@बादाम के सेवन से दिल सेहतमंद रहता है क्योंकि इसमें विटामिन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है।

@अर्जुन छाल और प्याज को बराबर पीस कर समान मात्रा में तैयार कर प्रतिदिन आधा चम्मच दूध के साथ लेने से हृदय रोगों में बहुत ही लाभकारी  होता है।

@खाने में अलसी के तेल का प्रयोग करें । अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है जिससे दिल मजबूत रहता है ।

@छोटी इलायची एवं पीपरामूल का चूर्ण घी के साथ खाने से भी दिल मजबूत रहता है।

@दिल को मजबूत बनाने के लिए गुड को देसी घी में मिलाकर नित्य खाने से भी बहुत फायदा होता है।

@गाजर के रस को शहद में मिलाकर पीने से भी दिल मजबूत होता है।

@अलसी के पत्ते और सूखे धनिए का काढ़ा बनाकर उसका सेवन करने से भी ह्रदय की कमजोरी दूर होति

दिल की बीमारियों के घरेलू उपचार

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