मीराबाई भजन

बंशी बजेगी राधा नाचेगी

बंशी बजेगी राधा नाचेगी/बंशी-बजेगी-राधा-नाचेगी

बंशी बाजेगी राधा नाचेगी

चाहे जग रूठे तो रूठ जाए

तेरी बंशी बड़ी जादूगारी

जुलम मेरे साथ करे

सारी रात जगाये,बैरन मेरी नींद चुराए

मै तो नाचूंगी

चाहे घर छूटे तो छूट जाए

बंशी बजेगी राधा नाचेगी

राधे रानी हुई रे दीवानी ब्रिज के साँवरिया

मन ही मन चाहे लेकिन तुझको बोल न पाए

मैं तो चाहूंगी, मैं तो चाहूंगी

चाहे नव टूटे तो टूट जाए

बंशी बजेगी राधा नाचेगी

हरष बोले मुरलिया से कहना बचा कोई आज तलाक

भक्तों के यह होश उड़ाए साड़ी रात नचाए

सेवक नाचेंगे, के छम छम नाचेंगे

चाहे छत टूटे तो टूट जाए

बंशी बजेगी राधा नाचेगी

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