प्रसिद्ध हिंदी भजन

द्वार पे सुदामा करीब आ गया है

द्वार पे सुदामा करीब आगया है/dvar pe sudama karib aagya he in hindi mp3

द्वार पे सुदामा करीब आगया है.

देखो देखो ये गरीबी, ये गरीबी का हाल

कृष्ण के द्वार पे बिस्वास लेके आया हूँ,

मेरे बचपन का यार है मेरा श्याम,

यह ही सोच कर में आस करके आया हूँ.

अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो-

अरे द्वारपालों उस कन्हैया से कह दो,

के द्वार पे सुदामा करीब आगया है.

के द्वार पे सुदामा करीब आगया है.

हा… भटकते भटकते ना जाने कहा से,

भटकते भटकते ना जाने कहा से,

तुम्हारे महल के करीब आगया है.

तुम्हारे महल के करीब आगया है.

अरे द्वारपालों उस कन्हैया से कह दो,

के द्वार पे सुदामा करीब आगया है.

के द्वार पे सुदामा करीब आगया है.

ना सरपे है पगड़ी ना तन पे है जामा,

बातादो कन्हैया को नाम है सुदामा..

बातादो कन्हैया को नाम है सुदामा.

बातादो कन्हैया को नाम है सुदामा.

ना सरपे है पगड़ी, ना तन पे है जामा.

बतादो कन्हैया को नाम है सुदामा.

होऊ.ना सरपे है पगरी ना तन पे है जामा,

बता दो कन्हैया को नाम है सुदामा.

होऊ….बातादो कन्हैया को नाम है सुदामा.

एक बार मोहन से जा कर के कहे दो,

तुम एक बार मोहन से जा कर के कहे दो,

के मिलने सखा पद नसीब आ गया है

के मिलने सखा पद नसीब आगेया है.

अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो,

के द्वार पे सुदामा करीब आगेया है.

के द्वार पे सुदामा करीब आगेया है.

सुनते ही दौड़े चले आये मोहन,

लगाया गले से सुदामा को मोहन.

लागाया गले से सुदामा को मोहन.

सुनते ही दौरे, चले आये मोहन.

लागाया गले से, सुदामा को मोहन.

सुनते ही दौरे चले आये मोहन,

लागाया गले से सुदामा को मोहन

लागाया गले से सुदामा को मोहन.

हुआ रुकमणी को बहुत ही अचंभा,

हुआ रुकमणी को बहुत ही अचंभा,

यह मेहमान कैसा अजीब आगया है.

यह मेहमान कैसा अजीब आगेया है.

हुआ रुकमणी को बहुत ही अचंभा,

यह मेहमान कैसा अजीब आगया है.

यह मेहमान कैसा अजीब आगया है.

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