मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं श्री राम भजन

kaisi bansriyo murliya bajai shyama has has ke / कैसी बंसरीयो / मुरलियां बजाई श्यामा हस हस के

kaisi bansriyo murliya bajai shyama has has ke / कैसी बंसरीयो / मुरलियां बजाई श्यामा हस हस के

kaisi bansriyo murliya bajai shyama has has ke

aavo aavo krishn murani tum bin suni bharat sari

kaisi gopiyo ban kar aai shyama has has ke

mai jal jamuna bharne jau kanhe ko waha baitha pau

mai jal bharne ko nahi pau shyama has has ke

lila kar jamun ake ghar mor mukut banshi hai hath

de gayo sampati sari sari shyama has has ke

ye kya tumne rol machai sakhiyo ke sang ras rachai

rumse gai mai hari hari shyama has has ke


कैसी बंसरीयो / मुरलियां बजाई श्यामा हस हस के |टेर |

आवो आवो कृष्ण मुरारी तुम बिन सुनी भारत सारी |

कैसी गोपियों बन कर आई श्यामह स हस के |1 |

मै जल जमुना भरने जाऊं कान्हे को वहा बैठा पाऊँ |

मै जल भरने को नहीं पाऊँ श्यामा हस हस के |2 |

लीला कर जमुना के घाट मोर मुकुट बंशी है हाथ |

दे गयो सम्पति सारी सारी श्यामा हस हस के |3 |

ये क्या तुमने रोल मचाई , सखियों के संग रास रचाई |

तुमसे गई मै हारी हारी श्यामा हस हस के |4 |

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