मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं श्री कृष्णा भजन

रे माखन री चोरी छोड़

रे माखन री चोरी छोड़ कन्हैया मै समझाऊ तोय/ re makhan ri chori chod kanhaiya me samjhau toy

re makhan ri chori chod kanhaiya me samjhau toy

mai to janyo gayo gaiyyan ke sang me rahyo khidki par soy,

kou ek gvarin ne patrayo, dai kambaliya khoy,

re makhan ri chori………………………..

nav laakh dhenu baba nand ghar duje, nitan nayo makhan hoy,

bado nom thare nand baba ro hansi hamari hoy

re makhan ri chori………………………..

barsane me to thari hui re sagai lala nit nai charcha hoy,

bade barone ri raj dulari nahi bargi toy,

re makhan ri chori………………………..

ghevar baniye re kur sankari nit nai lila hoi

mard sakhi ro gher lini dai matkiya fod

re makhan ri chori………………………..

aa chori to nahi chute mari mata honi hove soi hoy,

surdas jasomat ke aage diyo nayan bhar roy,

re makhan ri chori………………………..

sanvara me samjau toy


रे माखन री चोरी छोड़ कन्हैया मै समझाऊ तोय

मै तो जान्यो गयो गैय्यन के संग में , रह्यो खिड़की पर सोय ,

कोऊ एक ग्वारिन ने पतरायो , दई कम्बलिया खोय ,

रे माखन री चोरी ………..||1||

नव लाख धेनु बाबा नन्द घर दूजे , नितन नयो माखन होय ,

बड़ो नोम थारे नन्द बाबा रो हंसी हमारी होय ||

रे माखन री चोरी ………..||2||

बरसाने में तो थारी हुई रे सगाई लाला नित नई चर्चा होय ,

बड़े गरोने री राज दुलारी नहीं बारगी तोय ,

रे माखन री चोरी ………..||3||

घेवर बनिये रे कुर सांकरी नित नई लीला होई |

 

मार्ग सखी रो घेर लीनो दई मटकिया फोड़ , रे माखन ||4||

आ चोरी तो नहीं छुटे मारी माता होनी होवे सोई होय ,

सूरदास जसोमत के आगे दियो नयन भर रॉय

रे माखन री चोरी छोड़ , सांवरा में समजाऊ तोय ||

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